रांची
झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने आज देवघर जिले के कुंडा स्थित मेधा सेवा सदन अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। हाल ही में एक सड़क दुर्घटना में घायल कन्हैया नामक युवक की मृत्यु के पश्चात अस्पताल द्वारा शव के बदले परिजनों से ₹40,000 की मांग किए जाने की खबर पर उन्होंने गंभीर संज्ञान लिया। मंत्री ने मौके पर पहुंचकर इलाजरत मरीजों से बातचीत की और घटना की सच्चाई जानने का प्रयास किया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी अस्पताल को शव के बदले पैसे लेने का अधिकार नहीं है और इस प्रकार की अमानवीय हरकतें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया है, जो दो दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
डॉ. अंसारी ने चेतावनी देते हुए कहा, “सभी अस्पताल, विशेषकर निजी संस्थान, यह गांठ बांध लें कि शव का सौदा करने की अनुमति इस सरकार में नहीं दी जाएगी। यदि कहीं भी इस तरह की घटनाएं सामने आती हैं, तो दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
उन्होंने मीडिया से भी अपील की कि स्वास्थ्य से जुड़ी किसी भी खबर के प्रकाशन से पूर्व उन्हें सूचित किया जाए, ताकि समय रहते पीड़ितों को न्याय दिलाया जा सके। मंत्री ने कहा कि राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने में मीडिया की भूमिका भी महत्वपूर्ण है।
इसके बाद मंत्री देवघर सदर अस्पताल पहुंचे, जहां वे व्यवस्थाओं से संतुष्ट नजर आए। उन्होंने बताया कि अस्पताल में आवश्यक सभी दवाइयां उपलब्ध हैं, मरीजों का समुचित उपचार हो रहा है और सभी कर्मी सक्रियता से कार्यरत हैं।
एम्स देवघर को लेकर भी मंत्री ने चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, “सिर्फ ओपीडी चलाने से काम नहीं चलेगा। एम्स जैसी संस्था से मरीजों को समग्र लाभ मिलना चाहिए। सदर अस्पताल पर पूरा भार आ रहा है, जबकि एम्स की स्थापना जनता के व्यापक हित में की गई है। मैं स्वयं शीघ्र ही एम्स का निरीक्षण करूंगा।”
इसके साथ ही उन्होंने बाबा नगरी देवघर को एक बड़ी सौगात देते हुए 500 बेड के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और एक नए मेडिकल कॉलेज की स्थापना की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह निर्णय श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, ताकि देशभर से आने वाले भक्तों को किसी भी प्रकार की चिकित्सा असुविधा का सामना न करना पड़े। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि वे देवघर को हेल्थ सेक्टर का हब बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
डॉ. अंसारी ने कहा, “मैं राज्य के किसी भी अस्पताल में कभी भी निरीक्षण के लिए पहुंच सकता हूं। स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बरतने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।” अंत में उन्होंने जोर देते हुए कहा, “स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी मुझे सौंपी गई है और मैं इसे पूरी ईमानदारी और दृढ़ता के साथ निभा रहा हूं। किसी भी प्रकार की लापरवाही या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो बेहतर काम करेंगे, उन्हें सम्मानित भी किया जाएगा।”